GIN GIN KE STUTI KAROON

गिन – गिन के स्तुति करूं, बेशुमार तेरे दानों के लिएअब तक तूने सम्भाला मुझे, अपनी बाहों में लिए हुए (2) तेरे शत्रु का निशाना, तुझ पर होगा न सफल … Continue reading GIN GIN KE STUTI KAROON